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November 3, 2026 Blog

Aaj Ka Choghadiya [04-Nov-2026]: आज का शुभ मुहूर्त की सटीक चौघड़िया समय सारणी

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सनातन संस्कृति में किसी भी मांगलिक आयोजन, व्यावसायिक अनुबंध, नए निवेश या यात्रा की शुरुआत से पहले शुभ समय का चयन करना एक सुदृढ़ परंपरा रही है। जब भी हम किसी नए कार्य की शुरुआत करते हैं, तो अंतर्मन में यही अभिलाषा होती है कि कार्य बिना किसी अड़चन के सिद्ध हो और हमें अनुकूल परिणाम मिलें। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए दैनिक जीवन में आज का चौघड़िया (Aaj Ka Choghadiya) देखने का नियम अत्यंत लोकप्रिय और प्रामाणिक माना गया है।

आज 4 नवंबर 2026, दिन बुधवार है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश और बुद्धि तथा व्यापार के कारक बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। आज के दिन कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में कौन सा कालखंड आपके दैनिक कार्यों, व्यापार और मांगलिक अनुष्ठानों के लिए सर्वाधिक फलदायी रहेगा और किस समय आपको नए कार्यों से बचना चाहिए, आइए स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर विस्तार से जानते हैं।

यदि आप भी अपने दिन को मंगलमय और सफल बनाना चाहते हैं, तो आज का चौघड़िया 4 नवंबर 2026 (Aaj Ka Choghadiya 4 November 2026) का यह समय विभाजन आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। आइए जानते हैं कोलकाता के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Shubh Choghadiya Muhurat), दिन व रात के समय और इसके नियम।

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चौघड़िया क्या है (What is Choghadiya?)

चौघड़िया हिंदू वैदिक पंचांग पर आधारित काल गणना की एक अत्यंत व्यावहारिक और सरल प्रणाली है। सामान्य जनजीवन में जब किसी व्यक्ति के पास किसी ज्योतिर्विद से विस्तृत लग्न, नक्षत्र अथवा योग आधारित व्यक्तिगत कुंडली मुहूर्त निकलवाने का पर्याप्त समय नहीं होता, तब तात्कालिक और आवश्यक कार्यों के संपादन के लिए चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurat) की सहायता ली जाती है।

शाब्दिक दृष्टि से चौघड़िया शब्द दो पदों के मेल से बना है: 'चौ' का अर्थ चार और 'घड़िया' का अर्थ घटी होता है। प्राचीन भारतीय ज्योतिष में एक घटी 24 मिनट की होती है। इस आधार पर चार घटी का संयुक्त मान 96 मिनट यानी करीब डेढ़ घंटा (1.5 घंटे) बनता है।

पंचांग गणना के अनुसार पूरे 24 घंटे के एक अहोरात्र को दो प्रमुख भागों में बांटा जाता है:

  1. दिन का चौघड़िया (Din Ka Choghadiya): स्थानीय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक का समय (8 मुहूर्त खंड)।

  2. रात का चौघड़िया (Raat Ka Choghadiya): स्थानीय सूर्यास्त से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक का समय (8 मुहूर्त खंड)।

इस प्रकार पूरे चौबीस घंटे के भीतर कुल 16 चौघड़िया कालखंड बनते हैं, जिन पर अलग-अलग ग्रहों का आधिपत्य माना जाता है।

4 नवंबर 2026 कोलकाता के लिए चौघड़िया समय सारणी (Kolkata Choghadiya Timings)

कोलकाता के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार आज का चौघड़िया मुहूर्त कोलकाता (Kolkata Choghadiya Today) का विवरण नीचे दिया गया है:

  • दिनांक: 4 नवंबर 2026।

  • दिन (वार): बुधवार (Wednesday)।

  • स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत।

  • स्थानीय सूर्योदय: प्रातः 05:43 AM।

  • स्थानीय सूर्यास्त: सायं 04:56 PM।

  • अगले दिन सूर्योदय (5 नवंबर): प्रातः 05:44 AM।

दिन का चौघड़िया (Daytime Choghadiya Timings - Kolkata):

(दिन की कुल अवधि: 11 घंटे 13 मिनट - प्रत्येक चौघड़िया लगभग 84 मिनट 07 सेकंड का)

Aaj Ka Choghadiya 4 nov 2026

  • लाभ (उन्नति): प्रातः 05:43 AM से प्रातः 07:07 AM तक।

  • अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 07:07 AM से प्रातः 08:31 AM तक।

  • काल (अशुभ): प्रातः 08:31 AM से प्रातः 09:55 AM तक।

  • शुभ (उत्तम): प्रातः 09:55 AM से पूर्वाह्न 11:19 AM तक।

  • रोग (अशुभ): पूर्वाह्न 11:19 AM से दोपहर 12:43 PM तक।

  • उद्वेग (अशुभ): दोपहर 12:43 PM से दोपहर 02:07 PM तक।

  • चर (सामान्य/अनुकूल): दोपहर 02:07 PM से अपराह्न 03:31 PM तक।

  • लाभ (उन्नति): अपराह्न 03:31 PM से सायं 04:56 PM तक।

रात का चौघड़िया (Nighttime Choghadiya Timings - Kolkata):

(रात की कुल अवधि: 12 घंटे 48 मिनट - प्रत्येक चौघड़िया ठीक 96 मिनट का)

Aaj Ka Choghadiya 2 nov 2026 banner image

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  • उद्वेग (अशुभ): सायं 04:56 PM से सायं 06:32 PM तक।

  • शुभ (उत्तम): सायं 06:32 PM से रात्रि 08:08 PM तक।

  • अमृत (सर्वोत्तम): रात्रि 08:08 PM से रात्रि 09:44 PM तक।

  • चर (सामान्य): रात्रि 09:44 PM से रात्रि 11:20 PM तक।

  • रोग (अशुभ): रात्रि 11:20 PM से देर रात 12:56 AM (5 नवंबर) तक।

  • काल (अशुभ): देर रात 12:56 AM से तड़के 02:32 AM तक।

  • लाभ (शुभ): तड़के 02:32 AM से प्रातः 04:08 AM तक।

  • उद्वेग (अशुभ): प्रातः 04:08 AM से प्रातः 05:44 AM तक।

चौघड़िया के सात प्रकार और उनका फल (Types of Choghadiya)

वैदिक ज्योतिष में सात मूल चौघड़िया स्वीकार किए गए हैं। इनमें से चार को शुभ और तीन को अशुभ माना जाता है:

  1. अमृत (Amrit): इसके स्वामी चंद्र देव हैं। इसे सभी चौघड़ियों में सर्वाधिक पावन और कल्याणकारी माना जाता है। नवीन संकल्प, गृह प्रवेश और सभी मांगलिक कार्यों के लिए यह सर्वोत्तम है।

  2. शुभ (Shubh): इसके अधिपति देवगुरु बृहस्पति हैं। विद्यारंभ, धार्मिक अनुष्ठान, विवाह संबंधी वार्ता और पूजन हेतु यह कालखंड अत्यंत उत्तम माना गया है।

  3. लाभ (Labh): इसके स्वामी बुध ग्रह हैं। व्यापार का उद्घाटन, वित्तीय लेन-देन, नए सौदे और नया बहीखाता आरंभ करने के लिए यह सबसे अधिक फलदायी माना गया है।

  4. चर (Char): इसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं। चर का शाब्दिक अर्थ गतिशीलता है। यात्रा आरंभ करने, नया वाहन खरीदने अथवा मशीनरी चलाने के लिए यह अनुकूल माना जाता है।

  5. रोग (Rog): इसके स्वामी मंगल ग्रह हैं। यह समय संघर्ष, कलह और रुकावटों से जुड़ा माना जाता है। अतः इसमें मांगलिक कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

  6. काल (Kaal): इसके अधिपति शनि देव हैं। इस अवधि में अप्रत्याशित बाधाएं और धनहानि की संभावना मानी जाती है। नए उपक्रमों के लिए इसे त्याज्य समझा जाता है।

  7. उद्वेग (Udveg): इसके स्वामी सूर्य देव हैं। यह मन में उद्विग्नता यानी अशांति उत्पन्न करता है। सामान्य शुभ कार्यों में इसे त्याज्य माना जाता है, यद्यपि सरकारी कार्यों में इसका विचार किया जाता है।

चौघड़िया का पारंपरिक और धार्मिक महत्व (Significance of Choghadiya)

सनातन धर्म में समय को केवल एक भौतिक इकाई नहीं, बल्कि आकाशीय ऊर्जाओं का सतत प्रवाह माना गया है। मान्यता है कि सौरमंडल के विभिन्न ग्रहों की रश्मियां पृथ्वी के वातावरण को निरंतर प्रभावित करती हैं। शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Shubh Choghadiya Muhurat) देखने का मुख्य उद्देश्य समय की सकारात्मक ऊर्जा से सामंजस्य स्थापित करना और प्रतिकूल प्रभावों से बचना है।

धार्मिक परंपरा में यह विश्वास है कि शुभ चौघड़िया मुहूर्त में किया गया कार्य व्यक्ति को मानसिक संबल और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। हालांकि, इन मान्यताओं को वैज्ञानिक सत्य के बजाय एक गहरी सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्था के रूप में स्वीकार किया जाता है।

आज 4 नवंबर 2026 के प्रमुख शुभ मुहूर्त (Today Shubh Choghadiya Muhurat)

यदि आप आज कोलकाता में कोई महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ चौघड़िया समय (Shubh Choghadiya Timings) के अनुसार निम्नलिखित कालखंड सबसे अधिक अनुकूल हैं:

  • प्रातः लाभ चौघड़िया: प्रातः 05:43 AM से 07:07 AM तक (दिन की शुरुआत, व्यापारिक योजना और धन लाभ हेतु)।

  • प्रातः अमृत चौघड़िया: प्रातः 07:07 AM से 08:31 AM तक (आज का सर्वोत्तम कालखंड, सभी मांगलिक कार्यों के लिए)।

  • पूर्वाह्न शुभ चौघड़िया: प्रातः 09:55 AM से 11:19 AM तक (धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और अनुबंध हेतु)।

  • दोपहर चर चौघड़िया: दोपहर 02:07 PM से 03:31 PM तक (यात्रा, आवागमन और नए वाहन के उपयोग हेतु)।

  • अपराह्न लाभ चौघड़िया: दोपहर 03:31 PM से सायं 04:56 PM तक (दुकानदारी, धन लेन-देन और खरीदारी हेतु)।

चौघड़िया की गणना कैसे की जाती है (Choghadiya Calculation Method)

चौघड़िया की गणना पूरी तरह से स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होती है:

  1. दिन के मान की गणना: सबसे पहले उस स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त का सटीक समय ज्ञात किया जाता है। आज कोलकाता में सूर्योदय 05:43 AM तथा सूर्यास्त 04:56 PM पर है। दिन का कुल मान 673 मिनट हुआ।

  2. आठ बराबर भागों में विभाजन: इस कुल समय को 8 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। इस प्रकार कोलकाता में दिन के प्रत्येक चौघड़िया की अवधि लगभग 84.12 मिनट निकलती है।

  3. वार का स्वामी और चक्र: जिस दिन का चौघड़िया देखना हो, उस दिन का पहला चौघड़िया उस वार के स्वामी ग्रह से प्रारंभ होता है। बुधवार के अधिपति बुध देव हैं, इसलिए दिन का पहला चौघड़िया सदैव 'लाभ' से शुरू होता है। इसके बाद तय वैदिक क्रम के अनुसार अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर और पुनः लाभ आते हैं।

  4. रात के मान की गणना: सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक के कुल समय (768 मिनट) को 8 से भाग देकर रात के चौघड़िया (प्रत्येक ठीक 96 मिनट) निकाले जाते हैं। बुधवार की रात का प्रथम चौघड़िया उद्वेग से शुरू होता है।

चौघड़िया का व्यावहारिक उपयोग: कब और कैसे देखें (Choghadiya Uses)

भारतीय जनमानस में दैनिक क्रियाकलापों के संपादन हेतु चौघड़िया देखने की सुदृढ़ परंपरा रही है:

  • यात्रा और प्रस्थान: किसी तीर्थयात्रा, व्यापारिक यात्रा अथवा पारिवारिक सफर पर निकलते समय लोग चर या अमृत चौघड़िया देखकर घर से प्रस्थान करते हैं।

  • व्यापार और दुकानदारी: नई दुकान का उद्घाटन, पहली बिक्री या व्यापारिक साझेदारियों पर हस्ताक्षर लाभ चौघड़िया में करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

  • पूजा-पाठ और अनुष्ठान: घर में रुद्राभिषेक, गणपति पूजन, सत्यनारायण कथा या गृह प्रवेश का संकल्प अमृत और शुभ चौघड़िया में लिया जाता है।

  • महत्वपूर्ण खरीदारी: भूमि, भवन, स्वर्ण आभूषण या वाहन की डिलीवरी लेने के लिए शुभ, लाभ अथवा चर चौघड़िया को वरीयता दी जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज का चौघड़िया (Aaj Ka Choghadiya) हमारे दैनिक जीवन को सकारात्मक दिशा और आत्मिक अनुशासन देने का एक सुगम साधन है। यह स्मरण रखना आवश्यक है कि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हर नगर के भौगोलिक अक्षांश और देशांतर के अनुसार बदलता रहता है। जो समय कोलकाता के लिए मान्य है, वह दिल्ली, मुंबई या जयपुर में कुछ मिनटों के अंतर पर होगा। किसी भी मांगलिक उपक्रम को अंतिम रूप देने से पूर्व अपने नगर के स्थानीय सूर्योदय समय के अनुसार ही सटीक आज का चौघड़िया 2026 (Aaj Ka Choghadiya 2026) मुहूर्त की पुष्टि करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: आज 4 नवंबर 2026 को कोलकाता में अमृत चौघड़िया का समय क्या है?

आज दिन का सबसे शुभ अमृत चौघड़िया प्रातः 07:07 AM से प्रातः 08:31 AM तक रहेगा, जो सभी मांगलिक कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

Q2: बुधवार के दिन का पहला चौघड़िया कौन सा होता है?

बुधवार के अधिपति बुध ग्रह हैं, इसलिए इस दिन का पहला चौघड़िया सदैव 'लाभ' होता है, जो व्यापार और विद्यारंभ के लिए अति शुभ माना जाता है।

Q3: क्या शुभ चौघड़िया के समय राहुकाल का विचार करना भी आवश्यक है?

हाँ, लोक परंपरा के अनुसार यदि किसी शुभ चौघड़िया की अवधि में राहुकाल उपस्थित हो, तो उस कालखंड में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

Q4: यात्रा के लिए कौन सा चौघड़िया सबसे अच्छा माना जाता है?

यात्रा, आवागमन और वाहन चलाने के लिए चर चौघड़िया सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि यह गतिशीलता का प्रतीक है।

Q5: क्या पूरे देश में चौघड़िया का समय एक समान रहता है?

नहीं, चौघड़िया की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होती है, इसलिए अलग-अलग शहरों के चौघड़िया समय में कुछ मिनटों का अंतर अवश्य रहता है।